Friday, December 13, 2013

Now, I choose




Now, I choose
Joy
That gurgles through
Mountainous, rocky pathways

Now, I choose
Love
That drenches
Every pore on every shore
Without restraint

Now, I choose
Laughter
That bursts through
The very fabric of my being

Now, I choose
To know my whole Self
Embracing my shadow and my light
Now, I choose
Not to withhold any part of myself
Take it or leave it
This is who I am

 - Mumbai, October 29, 2013
अब, मैं चुनती हूँ 
हर्ष 
जो झर झर गुनगुनाए 
पथरीले रास्ते अपनाये 

अब, मैं चुनती हूँ 
प्रेम 
जो करे रोम रोम सराबोर 
असंयत हर छोर 


अब, मैं चुनती हूँ 
हँसी 
जो फूटे  यकायक 
कहीं भीतर से अचानक 

अब, मैं चुनती हूँ 
पूर्णतः आत्म ज्ञान 
गले लगा अपनी छाया एवं प्रकाश 
अब, मैं चुनती हूँ 
अपना ही साथ
आप चाहें या ना मानें 
यही है मेरी पहचान  

- Seattle, December 13, 2013



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