Tuesday, November 26, 2019

Companion... हमसफ़र



Photo by Jon Flobrant on Unsplash
 
 

हमसफ़र और कोई नहीं

साथ अपने हूँ खुद मैं ही

हर सफर है मेरा ही

नक़्शे-कदम यूँ ही चुन लूँ

 

Companionship overrated

My own company underrated

Each journey sacred is mine alone

Choose each step with intention

हमकदम दूसरा नहीं

अलहदा भी तो कोई नहीं

हर कदम है पसंद मेरी

खुद ही आप से मिलूँ

 

In-step with no other I see

An all-encompassing eternity

Each stride of my own volition

Merging within without condition

हमनशीं हर कोई यहीं

इस पल का नशा ही है सही

है मेरे लिए हर ये खुशी

उसे क्यों ना नज़र उतार लूँ

Each co-traveler, a soul beloved

Each moment, itself bewitched

Each joy, one I cherish

Each embraced, in wholehearted satisfaction

 

-Nov 23, 2017

-Jan 18, 2019