Sunday, May 24, 2020

वादा:A Promise



इक कली का वादा
है मुझको - 
I have a promise
From a bud -
मिलूँगी तुमसे
जब भी ढूँढोगे
I shall meet you
Each time you yearn for me
किसी न किसी रूप में
पा लोगे मुझको
अभी अलक समाये हैं
हरी पत्तियों की बाहों में
In one form or another
You will find me
Even though at present
I'm tightly curled in the arms
Of the leaves that bind me
कल निहारो तो पंखुड़ियाँ नज़र
आ सकती हैं शायद 
मिलो परसों भी मुझे अगर
प्रेम से सहला पाओगे
Tomorrow perhaps you may see
Another delicate petal
Maybe you can caress it
If you visit the next day as well
खिल उठूँगी मैं
चूम लूँगी उन किरणों को
प्रेमालिंगन में बाँध लूँगी मैं
उन चंद मधुर क्षणों को
In my blossoming
I will kiss those rays
Those few sweet moments
In loving embrace
हो सकता है सुगंध मेरी
तुम्हें खींच लाए  फिर
चाहो तो बटोर लेना मुझे
बना लेना मुझे होली का अबीर
It is possible my fragrance
Might draw you closer
If you wish you may gather
Use me in Holi's colorful abeer
या समा लेना मेरी महक इत्र की पनाहों में
बसा सकते हो अज़ीज़ किताब के पन्नों  में
भेंट चढ़ा सकते हो गुलदान या किसी माला में
अर्पण कर सकते हो मुझे पूजार्चना की थाली में
Or distill me into sweet perfumes
Tuck me away in the folds of a book that's dear
Present me in a bouquet with a few other blooms
Or offer me on a platter to that all knowing Seer
चाहो तो
होने देना मेरी मुलाकात
और कई यार-दोस्तों से भी
चख सको फिर शायद मुझे
शहद के लज़ीज़ स्वाद में कभी
या फल के आनन्द में ही
If you like
Allow me to greet
Other beloveds in shared destiny
Perhaps you may then meet
Me in the taste of some honey
Perchance fruit as a sweet treat
हो सकता है
ये सब कुछ न हो
बस इसी पल का
हमारा ये साथ हो
It is possible though
None of this may come to pass
This present moment
We may never surpass
किसी रूप में मिल पाऊँ
या पाँच तत्वों में विलीन हो जाऊँ
Whether I greet you again in form
Or merge within the five elements
पर वादा है प्रियतम 
हमेशा मिलूँगी तुमसे
जब भी मुझे ढूँढोगे
I promise you my dearest
We shall meet
Anytime you yearn for me
May 24, 2020
July 4, 2020

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